प्रत्यक्ष अश्लील वीडियो

घातक-खुधा
अजवादऋ--बावू-रघुपति सहाय, बो० ए० ।
यह एक फ्रांसीसी आध्यात्मिक कहानी का सरल अनुवाद
है। बहुत ही रोचक, सूढ्य ।)
लोकतत्ति
लेखक--स्व० वावू जगन्मी हन वर्मा
इस उपन्यास में बतेमान समाज का चहुत ही मनोहद
चित्न खींचा गया है। ईसाई मिशन,को लेडिंयों के दधकराड
अखसामियो और जमींदारों की मुकदसेवाज़ी, अछूतों के सुधा
आदि पचिषय का इस उपन्यास में, ऐसा उत्तम समावेश किर
/ गया है कि पढ़ने से आँखें खुल जाती हैं। पृष्ठ-संख्या ह
भग ३००, सूल्य १॥) सचिन्न ।
आजाद-कथा
बासठवाँ परिच्देद
न्‍ भी गिरगिट की तरह रंग चदुछता है। वही अलारक्खी जो
रर्प॑ग्धर ठोकरें साती-फिरती थी जोगिन बनी हुई एक गाँव में
ड्रपी, भाज सुरैयाबेगम बनी हुईं सरकस के तमाशे में बड़े ठाट से
ब्रैठी।ई है। यह सब रुपए का खेल है ।
रेयाबेगम--फ्यों सहरी, रोशनी काहे की है ? न लैम्प, न झाड़ू, से
झभौर सारा खेमा जगमगा रहा है।,
(री -हुज्वर, अकक्‍्ल काम नहीं करती । जादू का खेल है । बल, दो
प्रंगाधनक्ा दिये भौर दुनिया-सर जगमगाने छूगी ।
रा
त--हुज्वर, चह तो 'चले गये ।
वेगम्-कक्‍्या बाजा है, चाह-बांह !
--हुजूर, गोरे बजा रहे हैं । _
सुरैवेगम --जरा घोड़ों को तो देखों, एक से पक बढ़-घढकर हैं।
त्रेंडे क्या। देव हैं । कितना चौड़ा माथा है, और जरा-सी धुधनी!
केतनी थोही-सी जमीन में चक्र देते है। चल्छाए, शक्ल दंग है.
” महरी-+बेगमप्ताइव, कार है। . -- % ८३
सुरैयाकेगम--हन मेमों का जिगर तो देखो, श्रच्छे-प्रच्छे शहसबारों
गेमात करती हैं... , रु

पी

>>
हें
ज्ण्च हे आज़ाद-कथा |
सहरी--खच है हुजूर, यह सब जादू के खेल हैं ।
सुरेयावेगम--मगर जादूगर भी पक्के है।
महरी--ऐसे जादृगरों से खुदा समझे । ३
इस पर एक जोरद् जो तमाशा देखने आई थी, चिढ़कर वोलौ--
ऐ घाह, यह बेचारे तों हम सबका दिल खुश करें, और आप कोसें!
आंखिर, उनका कुमूर क्या है, यही न क्रि तमाशा' दिखाते हैं ?
सहरी-यह तमाशेषाले तुम्दारे कौन हैं? ,, , कै
“ आऔरत-+ठम्दारे कोई होंगे। .. - / * , मु
महरी--फिर तुम चिट्कीं तो क्यों चिदकी ? +.,
ओऔरत्त--धहन, किसी को पीठ-पीछे बुरा न कहना चाहिए ।
मद्दरी--ऐ, तो तुम बीच में योऊूनेवाली कौन हो ?
“ ओऔरत्त--तुम' सब तो जैसे लड़ने शाह हो। बाते की, ओर सह
नोच लिया । आल
' सुरैया बेगम के साथ महरी के सिवा ओर भी कई छौडियाँ थीं, उनमें
एक का नाम अ्रब्बासी था | वह निहायत [हसीन और बला की शोख
थी। उन सब ने मिलकर इस ओरत को बनाना शुरू किया-- ५
महरी-+गाँव की माहृम होती हैं !
अब्बासी--गवारिन तो हैं ही, यह' भी कहीं छिपा रहता है !
सुरैयावेगम---अच्छा, अब बस, भपयी ज़बान बंद करो। इतनी में *
बैठी हैं।- किसी की जवान तकंन हिली। भोरहम झापसं में कटी मरवी है । ,
इतने में सामने एक॑ जीबरा छाया गया। सुरेयाबेग्म ने कहा+न्‍यह '
कौन जानवर है ? किसी झुक का गधा तो नहों है? हूँ तक “नहीं
करता । कान दवाएं दोड़ता जाता हैं।
अव्बासी-हुजूर, विलकुल बस से कर लिया ।
'छझाज़ाद कपा "७३
महरी-“इन फिर गिये की जो बात हे, भनोखी । जरा.द्प्त ःमेम को
तो देखिए, भ्रच्छे-अच्छे शहसवारों के कान कादे। 5 + ;
वार लेडी मे घोडे वर ऐसे-ऐसे करतय, दिखाए कि चारों तरफ
ताबियाँ पड़ने छगीं | सुरेया्रेगम ने भी प्रूष तालियाँ बजाई । जनाने
दरजे के पास ही दप्तरे दरजे से कुछ और छोग बे, थे । बेगम साहय को
तालियोाँ बनाते सुचा तो एक रंगीछे शेखजी बोले-- « + ५
: * » कोई माशूक्त दे इस परदए जंगारी मे । ,*
मिराधाइब--रखें में शोखी कूट-कूटकर भरी,है।! 5 £
' पढ़ितजी-शीकीन माछूम ऐोती हैं ,. . *« .,. ८“:
शेखजी--चल्लाह, क्षव तमाशा देखने को जी नहीं चाहता ६०
५ मिरजालाहब-पुढ सूरत चज़र भाई । क *
पडितनी--तुम बड़े ,खुशनतीब हो। ,. 87. + ४5
ये छोग तो यों चहक रहें थे। इधर सरकप्त में एक घड़ा' कचरा
लाया गपा, जिसमें तीन शेर बन्द थे । शेरों के भाते ही चारों "तरफ
सन्नाटा छा गया अब्बासी बोली-+देपिए हुम्तर, चद शेर जो बीचवाले
कठधरे में बद्‌ है, वही सबसे बढ़ा है।. + ** ]
महरी--ओऔर शस्सेवर भी सबसे ज्यादा माछूम होता हैं। कैसी
नीली-नीली आँखें हैं। और जब सह खोलता है तो ऐसा साकूम ५५५
है दक्वि आदमी का घिर मिंगक जाएगा।.' रा «
सुरैयावेगम--कहीं कठपरा तोड़कर निऊलू भागे तो सय्को खा जावे ।
महरी--नहीं हुज़ू , सच्चे हुए है। देखिए वह आरादमी एक शेर का
कान पकड़कर किस तौर पर इसे ईंडाता-बैठाता हैं । देखिए-देजिए हुजूर,
उप्त आदमी ने एक शेर को लिटा दिया और किस तहर पाँत्र से उसे
रोंद रहा है । 88. 75 एक है, 5087
हु ३
हः
जजर्‌ झाज़ाद-कथा
अअव्यासी--शेर क्या है, बिलकुक बिजली है। देखिए, अब शेप से
इस आदमी की कुश्ती हो रही है। कभी शेर जादमी को पछाड़ती है,
कभी आदमी शेर के सीने पर सवार होता है। : हे
"यह तप्ताशा कोई श्राध घंटे तक होता रहा 4 इसके बाद बीच सें
एक 'बड़ी सेज़ बिछाईं गई ओर उश्च पर बड़े बड़े योश्त के हुकड़े रफ्खे
गए। एक आदमी ने सीख!को एक'हुकड़े में छेद दिया और 'गोश्त को
कठपघरे में डाला । गोश्त का पहुँचना था कि शेर उप्तक़े ऊपर ऐसा लपका
जैपे किप्ती जिन्दा जानवर पर -शिक्षार करने के लिये छपकता है | गोश्त
को मुंह से दवाकर घार-बार डकारत था मोर ज़मोन पर पटक देता था।
जब डकारता, मकान गज जाता ओोर सुननेवालों 'के रॉगटे खडे हो

  • सेक्स वडय चुदई करते हुए वडय
  • सह एड गोपनीय कलाकार
  • सेक्स वडय चुदई करते हुए वडय
  • सेक्स पक्चर करते समय
  • अमेरिकी अश्लील
  • izzy रसीला अश्लील
  • ब्लू पक्चर सेक्स करते हुए वडय
  • फलका
  • छट लड़क के सथ सेक्स करते हुए दखइए
  • सेक्सडियो
  • izzy रसीला अश्लील
  • सेक्स फल्म संभग करते हुए
  • बांग्लादेशी प्रोन स्टार
  • सेक्स फल्म संभग करते हुए
  • सेक्स फल्म संभग करते हुए
    सेक्स वीडियो यूट्यूब चैनल
    सेक्सडियो
    मेरी पोर्न में
    सेक्स करने के बरे में
    पतन सेक्स दृश्य
    सेक्स पक्चर करते समय
    बत करते हुए सेक्स वडय
    सेक्स करने क वध
  • सेक्स करते वडय हंद में
  • फलका
  • सेक्स करते हुए सेक्स वडय दखएं
  • लड़क से सेक्स करते हुए वडय
  • marika fruscio नग्न वीडियो
  • सेक्स पंजाबी कॉम
  • सेक्स करने के बरे में
    बांग्लादेशी प्रोन स्टार
    रानी इतिहास
    सेक्सडियो
    सेक्स पक्चर करते समय
    सेक्स पक्चर करते समय
    सेक्स करते वडय हंद में
    सेक्स करते हुए देखन है वडय
    ब्लू पक्चर सेक्स करते हुए वडय